Computer Virus क्या है? और कैसे काम करता है ?
नमस्कार दोस्तों आज के Blog में हम बात करेंगे कि Computer Virus क्या है? और इससे कैसे बचे अगर आप computer या मोबाइल पर इंटरनेट यूज़ करते हैं तो आपने कभी न कभी तो Computer Virus के बारे में सुना ही होगा -- आम भाषा में इस वायरस को इलेक्ट्रॉनिक संक्रमण कहा जाता है यदि आपके कंप्यूटर या मोबाइल में यह वायरस प्रवेश कर जाये तो यह Computer की Performance से लेकर Important Data Loss, Data leak और System file crashess जैसी कई खतरनाक समस्या आपके कंप्यूटर के साथ खड़ी कर सकता है।
आपके मन में ख्याल आता होगा कि यह computer Virus बनाता कौन है तो जब भी virus बनाने की बात होती है तब अक्शर लोगों के दिमाग में आता होगा एक लड़का अँधेरे कमरे में काळा जैकेट का हुड पहने बैठा है और वह अपने computer या leptop पर बहुत तेजी से टाइप कर रहा है और मॉनिटर पर बहुत तेजी से हरे रंग के कोड चल रहे हैं ऐसी छवि आमतौर पर लोगों के दिमाग में फिल्मों की वजह से बन गई है अर्थातः दो प्रोग्रामर किस प्रकार पैसा कमाते हैं एक वायरस बनाता है तो दूसरा उसके लिए एंटीवायरस बनता है जिससे कि लोग वायरस से बचने के लिए एंटी वायरस को खरीदे।
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| Computer virus Kya hai |
दुनिया का सबसे पहला वायरस "क्रीपर" रे टॉमलिशन नामक एक कंप्यूटर प्रोग्रामर ने बनाया था। लेकिन ये एक हानि रहित प्रोग्राम था क्रीपर संक्रमित कम्प्यूटरों की स्क्रीन पर "मैं क्रीपर हूँ यदि आप मुझे पकड़ सकते हैं तो मुझे पकड़ लें" ऐसा सन्देश लिखा करता था हालाँकि यह एक शरारत थी यह कम्प्यूटरों को नुकशान पहुंचने के लिए नहीं बनाया गया था।
कंप्यूटर वायरस क्या है?
कंप्यूटर वायरस की परिभाषा की बात करें तो यह एक Molicious software program है जो कंप्यूटर संचालन तरीकों को बदलने और उन्हें नुकशान पहुंचाने के लिए बनाया जाता है यह वायरस इलेक्ट्रॉनिक कोड होता है जिस कोड का उपयोग कंप्यूटर में उपस्थित सूचनाओं को नष्ट (Corrupt)करने के लिए किया जाता है
Virus की फुलफॉर्म Vital Information Resources Under Seize होती है यह एक सूक्ष्म कंप्यूटर प्रोग्राम होता है जो किसी भी कंप्यूटर में प्रवेश कर उसे डिवाइस की कार्य प्रणाली में बाधा उत्पन्न करते हैं आमतौर पर यह कमजोर सिस्टम पर सबसे अधिक प्रभाव डालते हैं
सामान्यतः वायरस कंप्यूटर की हार्डडिस्क के बूट सेक्टर में पहुंचकर हार्डडिस्क की गति को धीमा करता है जिससे कंप्यूटर प्रोग्राम की कार्य प्रणाली ठप्प भी हो सकती है यह वायरस धीरे-धीरे कंप्यूटर की मेमोरी में फैलकर device को क्षतिग्रस्त करता है जिस कारण एक बार वायरस फ़ैल जाने पर नष्ट डाटा को रिकवर करना काफी मुश्किल होता है
कंप्यूटर वायरस के प्रकार :-
कंप्यूटर वायरस निम्नलिखित प्रकार के होते हैं --
(1) Web Scripting Virus:- यह वायरस कुछ वेबसाइट के Link, advertisement, image download,video download करने के साथ attached रहते हैं यूजर द्वारा इन लिंको पर Click करने से Molicious Code आपके system या mobile पर आटोमेटिक डाउनलोड हो जाता है इसके आलावा यह आपको किसी molicious website पर भी भेज सकता है इस प्रकार के वायरस उन वेबसाइटों पर पाये जाते हैं जिनका उपयोग social networking के उद्देश्य से किया जाता है।
यह वायरस आपके सिस्टम में मौजूद है तो इसके कई Symptoms आपको दिखाई देंगे जैसे आपके brouser और desktop का background अपने आप ही बदल जायेगा या फिर आपके कंप्यूटर की performance slow हो जाएगी इसके आलावा दूसरे लक्षण भी हो सकते हैं
(2) Browser hijacker :- यह कंप्यूटर वायरस यूजर के परमीशन के बिना Web Browser की setting को बदल देता है जिससे की आप विभिन्न वेबसाइटों पर पहुँच सकते हैं इस प्रकार की रणनीति advertisement से आय बढ़ाने के लिए की जाती है
(3) Boot Sector Virus :- यह वायरस तब आपके कंप्यूटर में फैलता है जब कंप्यूटर एक संक्रमित disk द्वारा boot होता है यह computer virus खासकर फ्लॉपी disk के बूट सेक्टर या हार्डडिस्क के मास्टर बूट रिकॉर्ड (MBR) को संक्रमित करता है
(4) Direct Action Virus :- यह वायरस कुछ specific file पर ही हमला करता है आमतौर पर .com और .exe Extension वाली फाइलें इससे संक्रमित होती हैं यह वायरस तब तक कार्य नहीं करता जब तक इसकी फाइल को execute (क्लिक करके खोलना) नहीं किया जाता है लेकिन यह वायरस ज्यादा खतरनाक नहीं
होता है इसे antivirus की सहायता से हटाया जा सकता है।
अपने देखा होगा की आपके कंप्यूटर में कोई भी Antivirus इनस्टॉल होगा तो संभवतः आपके कंप्यूटर में कुछ जरुरी फाइल्स डाउनलोड करते हैं तो वह Download होने के तुरंत बाद आटोमेटिक Delete हो जाती हैं दरअसल वह फाइल अज्ञात स्रोत में उपलब्ध होती हैं तो सिस्टम की सुरक्षा के लिए एंटीवायरस उन फाइलों को ऑटोमैटिक delete कर देता है अधिकतर ये मामले फ्री एंटीवायरस में सामने आते हैं
Antivirus कैसे कार्य करता है? :-
ज्यादातर वायरस अज्ञात स्रोतों से कंप्यूटर/मोबाइल में प्रवेश करता है एंटीवायरस को इस तरह बनाया जाता है की इसे कंप्यूटर में Install करने के बाद यह सभी अज्ञात वेबसाइटों, एप्लीकेशन आदि की निगरानी रखता है तथा किसी भी अनजान फाइल या प्रोग्राम को कंप्यूटर में इनस्टॉल होने से रोकता है।अपने देखा होगा की आपके कंप्यूटर में कोई भी Antivirus इनस्टॉल होगा तो संभवतः आपके कंप्यूटर में कुछ जरुरी फाइल्स डाउनलोड करते हैं तो वह Download होने के तुरंत बाद आटोमेटिक Delete हो जाती हैं दरअसल वह फाइल अज्ञात स्रोत में उपलब्ध होती हैं तो सिस्टम की सुरक्षा के लिए एंटीवायरस उन फाइलों को ऑटोमैटिक delete कर देता है अधिकतर ये मामले फ्री एंटीवायरस में सामने आते हैं
कंप्यूटर से वायरस कैसे निकालें? :-
पूरी तरह से अपने कंप्यूटर को वायरस फ्री बनाने के लिए सबसे पहले कंप्यूटर का वायरस स्कैन करना है इससे वायरस के बारे में पता चल जायेगा इसके लिए फ्री एंटीवायरस को उपयोग में नहीं लेना है आपको किसी वेहतर एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का प्रयोग करना है यदि आप किसी फ्री एंटीवायरस का प्रयोग करते हैं तो यह सिस्टम की Performance और Security को बेहतर करने के बजाय और खराब कर सकता है।क्या बिना Antivirus के Computer चलाना ठीक है? :-
अगर आप अपने कंप्यूटर में इंटरनेट का प्रयोग नहीं करते हैं तो बिना एंटीवायरस के कंप्यूटर चलने में कोई दिक्कत नहीं है हालांकि अगर आप windows यूजर है तो विंडोज का सिक्योरिटी सिस्टम डाउनलोड करके use कर सकते हैंयह फ्री होता है और आपके computer में किसी भी प्रकार का Virus नहीं आने देता है
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